Santiago एक बृद्ध मछुआरा था. 84 दिन हो गए थे लेकिन वह एक भी मछली नहीं पकड़ पाया था. सब लोग उसे मनहूस मानने लगे थे. यहाँ तक की उसके साथ Manolin नाम का लड़का जो मछली पकड़ना सिख रहा था
उसे भी मान बाप ने Santiago के साथ मछली पकड़ने से मना कर दिया था. और कहा था की वो सफल मछुआरों के साथ ही मछली पकडे। लेकिन Manolin हर रात Santiago की hut में जाता , उसके मछली पकड़ने के यंत्रों को सम्भाल कर रखता, उसके लिए खाना बनाने में मदद करता और अमेरिकन बेसबाल तथा अपने चेहेते खिलाडी Joe Dimaggio के बारे में बातें करता.
Santiago Manolin को बताता है की अगले दिन वो Cuba के उत्तर में Florida की खाडी में बहुत आगे तक जायेगा और उसे पूर्ण विश्वास था की उसका बुरा वक़्त ख़त्म होने वाला था.
अपने दुर्भाग्य काल के 85th दिन Santiago अपनी नौका को Cuba के समंदर में ले गया, जाल बिछाया और दोपहर तक एक Marlin प्रजाति की मछली उसमे फंस गयी।
परंतु वो मर्लिन को नौका की तरफ नहीं खींच सका और उन दोनों में एक संघर्ष शुरू हो गया.
इसी तरह दो दिन और दो रातें बीत गयी. पीड़ा औ र थकान के बाबजूद सेंटिआगो मर्लिन को सराहने लगा था. वो उसे अपना भाई बुलाने लगा.
तीसरे दिन Marlin नौका के चक्कर काटने लगी। सेंटिआगो बहुत थक चुका था. यहाँ तक की Delirium से पीड़ित हो चुका था. उसी हालत में उसने पूरी शक्ति से Marlin को नौका की तरफ खींचा और हार्पून से वार कर दिया। उसने मछली को नौका के किनारे बाँधा और घर की ओर चल दिया. वो सोचने लगा कि इतनी बड़ी मछली कितने में बिकेगी और कितने लोग उसे खा पाएंगे.
लेकिन रास्ते मैं शार्क मछलियाँ मर्लिन के खून से आकर्षित हो उसका पीछा करने लगी. सेंटिआगो ने हार्पून से एक Maako शार्क को मार डाला. लेकिन इसी दौरान हार्पून खो बैठा. उसने अपने चाकू को पतवार के आगे बांधकर नया हार्पून बना लिया ताकि बाकी Sharks को भगा सके. इस तरह उसने पांच शार्क्स को मार डाला और बाकी को भगा दिया। लेकिन Sharks आती रहीं और आधी रात तक वो मर्लिन को सारा खा गईं. केवल Skeleton , head और tail बचे थे.
सेंटिआगो ने मान लिया की वो सचमुच दुर्भाग्यशाली है और शार्क्स को बताने लगा कि कैसे उन्होंने उसके सपने को तोड़ दिया.
भोर में Santiago किनारे पहुंचा . उसने मस्तूल को कंधे पर रखा और hut की तरफ चल दिया.
Marlin के skeleton को उसने किनारे ही छोड़ दिया.
घर पहुंचते ही वो बिस्तर पर गिर पड़ा और गहरी नींद सो गया.
अगले दिन कुछ मछुआरे सेंटिआगो की नौका के पास खड़े थे जहाँ मर्लिन मछली का स्केलेटन पड़ा था.
एक मछुआरे ने नापा तो यह 18 फ़ीट लंबी निकली। Pedrico को मछली का सिर दे दिया गया. दुसरे मछुआरों ने Manolin से कहा कि वो Santiago को बताये की उन्हें बहुत खेद है।
कुछ टूरिट्स ने Marlin को Shark ही समझ लिया था.
Manolin , सेंटिआगो के लिए चिंतित होकर घर की तरफ भगा. सेंटिआगो को सोता और उसके जख्मी हाथों को देखकर वो रोने लगा. मनोलिन उसके लिए कॉफ़ी और Newspaper लाया।
सेंटिआगो जब उठा तो उसने मनोलिन से प्रॉमिस किया की वो दुबारा एकसाथ मछली पकड़ेंगे। जब वो दुबारा सोया तो अपने युवा काल और अफ़्रीकी beach पर शेरों का सपना देखने लगा.
उसे भी मान बाप ने Santiago के साथ मछली पकड़ने से मना कर दिया था. और कहा था की वो सफल मछुआरों के साथ ही मछली पकडे। लेकिन Manolin हर रात Santiago की hut में जाता , उसके मछली पकड़ने के यंत्रों को सम्भाल कर रखता, उसके लिए खाना बनाने में मदद करता और अमेरिकन बेसबाल तथा अपने चेहेते खिलाडी Joe Dimaggio के बारे में बातें करता.
Santiago Manolin को बताता है की अगले दिन वो Cuba के उत्तर में Florida की खाडी में बहुत आगे तक जायेगा और उसे पूर्ण विश्वास था की उसका बुरा वक़्त ख़त्म होने वाला था.
अपने दुर्भाग्य काल के 85th दिन Santiago अपनी नौका को Cuba के समंदर में ले गया, जाल बिछाया और दोपहर तक एक Marlin प्रजाति की मछली उसमे फंस गयी।
परंतु वो मर्लिन को नौका की तरफ नहीं खींच सका और उन दोनों में एक संघर्ष शुरू हो गया.
इसी तरह दो दिन और दो रातें बीत गयी. पीड़ा औ र थकान के बाबजूद सेंटिआगो मर्लिन को सराहने लगा था. वो उसे अपना भाई बुलाने लगा.
तीसरे दिन Marlin नौका के चक्कर काटने लगी। सेंटिआगो बहुत थक चुका था. यहाँ तक की Delirium से पीड़ित हो चुका था. उसी हालत में उसने पूरी शक्ति से Marlin को नौका की तरफ खींचा और हार्पून से वार कर दिया। उसने मछली को नौका के किनारे बाँधा और घर की ओर चल दिया. वो सोचने लगा कि इतनी बड़ी मछली कितने में बिकेगी और कितने लोग उसे खा पाएंगे.
लेकिन रास्ते मैं शार्क मछलियाँ मर्लिन के खून से आकर्षित हो उसका पीछा करने लगी. सेंटिआगो ने हार्पून से एक Maako शार्क को मार डाला. लेकिन इसी दौरान हार्पून खो बैठा. उसने अपने चाकू को पतवार के आगे बांधकर नया हार्पून बना लिया ताकि बाकी Sharks को भगा सके. इस तरह उसने पांच शार्क्स को मार डाला और बाकी को भगा दिया। लेकिन Sharks आती रहीं और आधी रात तक वो मर्लिन को सारा खा गईं. केवल Skeleton , head और tail बचे थे.
सेंटिआगो ने मान लिया की वो सचमुच दुर्भाग्यशाली है और शार्क्स को बताने लगा कि कैसे उन्होंने उसके सपने को तोड़ दिया.
भोर में Santiago किनारे पहुंचा . उसने मस्तूल को कंधे पर रखा और hut की तरफ चल दिया.
Marlin के skeleton को उसने किनारे ही छोड़ दिया.
घर पहुंचते ही वो बिस्तर पर गिर पड़ा और गहरी नींद सो गया.
अगले दिन कुछ मछुआरे सेंटिआगो की नौका के पास खड़े थे जहाँ मर्लिन मछली का स्केलेटन पड़ा था.
एक मछुआरे ने नापा तो यह 18 फ़ीट लंबी निकली। Pedrico को मछली का सिर दे दिया गया. दुसरे मछुआरों ने Manolin से कहा कि वो Santiago को बताये की उन्हें बहुत खेद है।
कुछ टूरिट्स ने Marlin को Shark ही समझ लिया था.
Manolin , सेंटिआगो के लिए चिंतित होकर घर की तरफ भगा. सेंटिआगो को सोता और उसके जख्मी हाथों को देखकर वो रोने लगा. मनोलिन उसके लिए कॉफ़ी और Newspaper लाया।
सेंटिआगो जब उठा तो उसने मनोलिन से प्रॉमिस किया की वो दुबारा एकसाथ मछली पकड़ेंगे। जब वो दुबारा सोया तो अपने युवा काल और अफ़्रीकी beach पर शेरों का सपना देखने लगा.